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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 राजनीति विज्ञान

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2795
आईएसबीएन :0

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तुलनात्मक सरकार और राजनीति : यू के, यू एस ए, स्विटजरलैण्ड, चीन

प्रश्न- स्विट्जरलैंड की कार्यपालिका के बारे में बताइये।

उत्तर -

स्विस कार्यपालिका विश्व की एक अनोखी कार्यपालिका है। न तो वह शुद्ध रूप से संसदात्मक है और न ही अध्यक्षात्मक। स्विस कार्यपालिका दोनों का मिश्रण है। स्विस कार्यपालिका में संसदात्मक एवं अध्यक्षात्मक दोनों प्रकार की कार्यपालिकाओं की विशेषताओं को समाहित करने का प्रयास किया गया और यह प्रयास किया गया कि उक्त दोनों प्रकार की कार्यपालिकाओं के दोषों से इसे मुक्त रखा जाए। स्विस संघीय परिषद एक इकाई के रूप में कार्य करती है। सात सदस्यों से मिलकर एक इकाई का निर्माण होता है जिसमें शक्तियाँ इन सदस्यों के मध्य समानता के आधार पर विभक्त कर दी जाती हैं। स्विस संघीय कार्यपालिका में संसदात्मक शासन प्रणाली के समान, सदस्य संघीय सभा अर्थात् संघीय व्यवस्थापिका के सदस्य नहीं होते और न एक ही दल के सदस्य होते हैं। स्विस संघीय कार्यपालिका विभिन्न दलों से मिलकर बनती है। संघीय सभा द्वारा फेडरल कौंसिल अर्थात् कार्यपालिका की निंदा करना या उसके द्वारा प्रेषित विधेयक को अस्वीकार कर देना, अविश्वास के रूप में नहीं देखा जाता और कार्यपालिका को त्यागपत्र देने की कोई आवश्यकता नहीं होती। संसदात्मक शासन व्यवस्था के विपरीत और अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था के अनुरूप स्विट्जरलैंड में केवल एक ही तरह की कार्यपालिका "वास्तविक कार्यपालिका " कार्य करती है। अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था के विपरीत एवं संसदात्मक शासन व्यवस्था के अनुरूप स्विस कार्यपालिका संसदीय प्रभुता के कारण संघीय सभा के प्रति उत्तरदायी होती है और संघीय सभा के दिशा निर्देशों के अनुरूप उसे कार्य करना पड़ता है। अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था में कार्यपालिका का निर्वाचन जनता स्वयं करती है जबकि स्विस संघीय कार्यपालिका संघीय सभा द्वारा निर्वाचित होती है। स्विस संघीय कार्यपालिका एक ओर संघीय सभा के प्रति उत्तरदायी होती है, संसदात्मक शासन व्यवस्था के अनुरूप जबकि दूसरी ओर उसका कार्यकाल चार वर्ष का होता है। संघीय सभा के लोकप्रिय सदन 'राष्ट्रीय सभा' की अवधि तक संघीय सभा द्वारा संघीय परिषद की निंदा करना भी इसके भविष्य को खतरे में नहीं डालता जैसा कि संसदात्मक शासन व्यवस्था में होता है।

संगठन - स्विस फेडरल कौंसिल की सदस्य संख्या 7 है। यद्यपि दो बार संवैधानिक संशोधन के जरिये संघीय सभा ने इसकी सदस्य संख्या 9 तक बढ़ाने का प्रयत्न किया है, किन्तु जनमत संग्रह में संघीय सभा के इस प्रस्ताव को जनता ने अस्वीकार कर दिया। जब राष्ट्रीय परिषद का निर्वाचन हो जाने के बाद राष्ट्रीय परिषद एवं राज्य परिषद अर्थात् संघीय सभा का संयुक्त अधिवेशन होता है और इसी अधिवेशन में संघीय कार्यपालिका के सात सदस्य निर्वाचित किये जाते हैं। संघीय सभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों को इसमें प्रतिनिधित्व देने का प्रयत्न किया जाता है और इसीलिए यह सामूहिक कार्यपालिका कहलाती है। संघीय परिषद में सात सदस्य होते हैं और प्रत्येक सदस्य को एक प्रशासनिक भाग स्वतन्त्र रूप से सौंप दिया जाता है। ये विभाग हैं-

(1) आन्तरिक या गृह विभाग
(2) राजनीतिक विभाग राज्य के वैदेशिक संबंध इसी के अन्तर्गत आते हैं।
(3) न्याय एवं पुलिस विभाग
(4) रक्षा विभाग
(5) वित्त एवं वैदेशिक व्यापार
(6) आन्तरिक सार्वजनिक अर्थव्यवस्था
(7) डाक तथा रेल विभाग।

पदाधिकारी - स्विस संघीय सभा प्रतिवर्ष संघीय कार्यपालिका अर्थात् फेडरल कौंसिल के सात सदस्यों में से एक को सभापति व एक को उपसभापति चुनती है। क्रम से यह पद सभी सातों सदस्यों के मध्य वितरित होता है। राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति का पद एक-एक वर्ष का ही होता है। संघीय कार्यपालिका का प्रधान अर्थात् स्विस राष्ट्रपति अपने समस्त कार्यपालिका साथियों में समान है, फिर भी उसे कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं -

1. विदेशी राजपूत अपने परिचय पत्र स्विस राष्ट्रपति को सौंपते हैं।

2. स्विस राष्ट्रपति संघीय सभा द्वारा पारित विधेयकों में हस्ताक्षर करता है, यद्यपि उसे इस दिशा में कोई विशेषाधिकार नहीं प्राप्त हैं।

3. वह संघीय परिषद की बैठक का सभापतित्व करता है और आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक मत देता है।

4. प्रशासन के सात विभागों में किसी एक का स्वतंत्र प्रभार उसके पास होता है तथा शेष 6 के कार्यों का वह निरीक्षण कर सकता है, यद्यपि वह परिषद के किसी सदस्य को कोई बाध्यकारी सुझाव या दिशा निर्देश नहीं दे सकता।

फेडरल कौंसिल की शक्तियाँ और कार्य - फेडरल कौंसिल की अधिकतर शक्तियाँ कार्यपालिकीय हैं किन्तु इसे कुछ वित्तीय विधायी एवं न्यायिक अधिकार प्राप्त हैं। आपत्तिकाल से निपटने के लिए भी इसे समय-समय पर संघीय सभा ने कुछ अधिकार सौंपे थे।

1. कार्यपालिकीय शक्तियाँ - फेडरल कौंसिल में स्विस संघ की सर्वोच्च कार्यपालिकीय शक्तियाँ निहित होती हैं। वैदेशिक संबंधों का नियमन इसका प्रमुख अधिकार है। फेडरल कौंसिल का राजनीतिक मामलों का मंत्रालय जिसके पास विदेश विभाग भी होता है, वैदेशिक संबंधों की देख-रेख करता है। स्विट्जरलैंड ने अपने को एक संधि के माध्यम से तटस्थ राज्य घोषित कर रखा है। अतः स्विट्जरलैंड की तटस्थ नीति को बनाये रखना इसका अति प्रमुख कार्य है। राज्य की सुरक्षा का प्राथमिक दायित्व फेडरल कौंसिल का ही है। स्विस संघीय संविधान, संघीय कानूनों एवं समय-समय पर संघीय सभा द्वारा लिये गये निर्णयों को लागू करने एवं उसके अनुसार व्यवस्था बनाये रखने का उत्तरदायित्व भी संघीय परिषद को है। संघीय परिषद प्रतिवर्ष सभा के सम्मुख अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और उस पर संघीय सभा का अनुमोदन प्राप्त करती है।

संघीय परिषद को कैंटनों से संबंधित भी कुछ शक्तियाँ प्राप्त हैं। कैंटन द्वारा कुछ विशेष प्रकार के कानून निर्मित किय जाने पर संघीय परिषद का अनुमोदन आवश्यक है। कैंटन द्वारा अपने संविधान में संशोधन करने पर संघीय सभा की स्वीकृति की आवश्यकता होती है। संघीय सभा अपनी स्वीकृति संघीय परिषद की रिपोर्ट पर ही देती हैं। स्विस संघीय शासन व्यवस्था में इकाइयों अर्थात् कैंटनों को जहाँ एक ओर केन्द्रीय हस्तक्षेप के अधीन रखा गया है वहीं दूसरी ओर उन्हें उनके अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं के संदर्भ मे संवैधानिक सुरक्षा भी प्रदान की गई है।

2. विधायी शक्तियाँ - संघीय सभा के सम्मुख विधेयक प्रस्तुत करने का कार्य फेडरल कौंसिल का ही है। संघीय सभा के सदस्य व्यक्तिगत रूप से 'पोस्ट्यूलेट' या 'मोशान' प्रस्तुत करते हैं और संघीय परिषद उसके विषय एवं सिद्धांत के आधार पर विधेयक तैयार कर संघीय सभा में प्रस्तुत करती है। संघीय सभा में प्रस्तुत हुए विधेयक की समिति अवस्था मे आने पर संघीय परिषद की विशेषज्ञता की मदद से उसके प्रत्येक अनुच्छेद पर विचार होता है और भली प्रकार जांच के बाद ही उस विधेयक पर रिपोर्ट होती है। सघीय सभा ने अपनी कार्यप्रणाली में इसे अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया है और यही कारण है कि प्रत्येक विधेयक पर, सघीय सभा का सदस्य न होने के बावजूद भी संबंधित विभाग का संघीय परिषद का सदस्य संघीय सभा में उपस्थित होकर विधेयक के पक्ष में तर्क प्रस्तुत करता है और संघीय सभा के सदस्य उसके आधार पर अपना मत व्यक्त करते हैं। इस प्रकार फेडरल कौसिल विधि निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाती है।

संघीय सभा द्वारा पारित कानूनों को लागू करने में अनेक पेजीदगियों का भी सामना करना पड़ता है। अतः इससे निपटने के लिए स्विस संघीय सभा ने संघीय परिषद को नियमों व अधिनियमों को बनाने का विवेक सम्मत अधिकार भी प्रदान किया हुआ है। इस प्रकार स्विस संघीय परिषद नियमों एवं अधिनियमों का निर्माण कर विधायी का भरपूर उपयोग कर रही है।

3. वित्तीय शक्तियाँ - फेडरल कौंसिल के पास स्विस संघ की वित्तीय शक्तियां निहित हैं। यद्यपि इन शक्तियों के प्रयोग में वह मनमाना आचरण नहीं कर सकती, फिर भी संघीय परिषद वित्तीय प्रशासन में प्रभावशाली भूमिका अदा करती है। संघीय परिषद प्रतिवर्ष स्विस सघ सरकार अर्थात् केन्द्रीय सरकार का बजट तैयार करती है। यह बजट संघीय सभा में वित्त विभाग के मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। बजट संघीय सभा द्वारा पारित हो जाने पर संघीय परिषद उसके अनुसार आय एकत्रित कराने तथा व्यय की देख-रेख करने के लिये उत्तरदायी है।

4. न्यायिक शक्तियाँ - संवैधानिक संशोधन से एक स्विस प्रशासनिक संघीय न्यायालय की स्थापना हुई और संघीय परिषद के अधिकांश न्यायिक अधिकार उक्त न्यायालय को स्थानान्तरित कर दिये गए। किन्तु प्रशासनिक न्याय के लिए जिस संघीय न्यायालय की स्थापना की गई, वह स्थापित नहीं हो सकी, लेकिन उसे जो प्रशासनिक न्याय के अधिकार दिये थे वे अब नियमित संघीय न्यायालय को सौंप दिये गये। अब स्विस संघीय परिषद के पास कुछ न्यायिक अधिकार शेष बचे हैं (1) स्विस कैंटनों द्वारा पास में या विदेशी राज्यों से किये गये समझौतों की परीक्षा का अधिकार (2) संघीय परिषद के विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर लिये गये निर्णयों के विरुद्ध नागरिकों द्वारा की गई अपील सुनने का अधिकार। (3) संघीय रेलवे प्रशासन के विरुद्ध अपीलें सुनने का अधिकार। (4) कैंटनों के स्कूलों में धार्मिक भेदभावों के विरुद्ध अपील सुनने का अधिकार। (5) व्यापार, पेटेंट आदि के संबंध में उठने वाले विवादों को सुनने का अधिकार।

5. संकटकालीन शक्तियाँ - स्विस संविधान में संकटकालीन अवस्था में संघीय परिषद के लिए किन्हीं शक्तियों या अधिकारों की कोई व्यवस्था नहीं है। किन्तु व्यवहार में जब-जब स्विट्जरलैंड में कोई भी संकटकालीन अवस्था आई प्रत्येक बार संघीय सभ ने संघीय परिषद को उस अवस्था से निपटने के लिए असीमित अधिकार सौंपे। संघीय परिषद की शक्तियों का हस्तान्तरण मात्र संकटकालीन परिस्थितियों तक ही रहा है और ज्यों ही वे परिस्थितियाँ समाप्त हुईं त्यों ही संघीय सभा ने अपने समस्त अधिकार वापस ले लिये। इस प्रकार स्विस संघीय परिषद के संकटकालीन अधिकार संविधानेत्तर व्यवस्था है और परिषद इसे अपने अधिकार के रूप में दावे के रूप में नहीं प्राप्त कर सकती है।

फेडरल कौंसिल की विशेषताएँ- स्विस संघीय के उपरोक्त अध्ययन से उसकी विशेषताओं को निम्न प्रकार से सूचीबद्ध किया जा सकता है -

1. स्विस संघीय परिषद अर्थात संघीय कार्यपालिका में सात सदस्य होते हैं और वे सभी समानता के आधार पर कार्य करते हैं। कोई किसी से शक्ति या अधिकार के संबंध में उच्च या निम्न नहीं है।

2. प्रशासनिक सुविधा के लिए एक सभापति का चयन परिषद के सदस्यों के मध्य से किया जाता. है, इसे ही स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के रूप में जाना जाता है। इसकी कार्यविधि एक वर्ष की होती है और वर्णक्रमानुसार सभी सातों सदस्यों के मध्य यह पद घूमता रहता है। अतः राष्ट्रपति होकर भी उसकी स्थिति नक्षत्रों के मध्य चन्द्रमा की नहीं वरन् 'समकक्षों के मध्य समान' की है।

3. स्विट्जरलैंड में भारत या ब्रिटेन की तरह नाममात्र एवं वास्तविक कार्यपालिका जैसा भेद नहीं होता। स्विस संघीय परिषद ही वास्तविक कार्यपालिका है और परिषद का प्रत्येक सदस्य प्रत्येक संघीय विभाग का अध्यक्ष होता है। स्विट्जरलैंड में संघीय परिषद का अध्यक्ष या प्रधान ही स्विस संघ का प्रधान होता है।

4. स्विट्जरलैंड में अमेरिका की भांति शक्ति पृथक्करण का सिद्धांत प्रचलन में नहीं है। स्विस संघीय परिषद जिसके पास कार्यपालिकीय शक्ति है, वह विधायी एवं न्यायिक शक्तियों का भी उपयोग करती है।

5. स्विस संघीय परिषद में, संघीय सभा में प्रतिनिधित्व पाये, सभी राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व होता है अर्थात् स्विस संघीय परिषद बहुदलीय होती है, के कारण वैचारिक विभिन्नता बनी रहती है। परिषद में सदस्यों के मध्य वैचारिक विभिन्नता बनी रहती है। परिषद में सदस्यों के मध्य वैचारिक विभिन्नता परिषद की क्षमता को कुंठित करती है।

6. स्विस संघीय परिषद के सदस्य संसदात्मक शासन व्यवस्था में सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत से बंधे हुए नहीं होते। अतः परिषद में किसी प्रस्ताव में एकमत निर्णय न होने पर विरोधी मत वाले सदस्य अपना विरोध प्रकट कर सकते हैं और उन्हें पद त्याग करने की आवश्यकता नहीं होती जबकि संसदात्मक शासन व्यवस्था में सामूहिक उत्तरदायितव का सिद्धांत कार्यरत होता है और विरोध करने का तात्पर्य पद त्याग करना है जबकि अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था में कार्यपालिका का अध्यक्ष ही सर्वेसर्वा होता है और मंत्रिमंडल में उसके सहयोगी उसके सहायक या अनुचर के रूप में कार्य करते हैं। वहां मतभेद के लिये कोई गुंजाइश ही नहीं है।

7. स्विस कार्यपालिका की एक अन्यन्त महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह स्थायित्व के आधार पर कार्य करती है। रैपर्ड के अनुसार संघीय परिषद की यह विशेषता संविधान की देन है। वहां मंत्रिमंडल का संकट नहीं उत्पन्न होता क्योंकि मंत्रिमंडल के विरुद्ध अविश्वास की कोई व्यवस्था नहीं है तथा संघीय सभा द्वारा उसकी निंदा करने या उसके किसी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिये जाने पर इसे संघीय परिषद की मानहानि के रूप में नहीं देखा जाता। इस प्रकार कार्यपालिका का स्थायित्व प्रशासनिक कार्यों की निरन्तरता को बनाये रखता है। यही नहीं वहाँ कार्यों की दक्षता को प्राप्त करने के लिए यह भी प्रयत्न किया जाता है कि एक विभाग एक मंत्री के पास बना रहे। इससे दो लाभ होते हैं प्रथम, मंत्री या अध्यक्ष द्वारा निर्मित की गई कोई नीति लगातार चल सकती है तथा द्वितीय नीति लम्बे समय तक चला पाने पर उसके परिणामों के बारे में अधिक दृढ़ता से निष्कर्ष निकाला जा सकता है। यही विभाग के अध्यक्षों को प्रशासनिक दक्षता प्रदान करता है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति का अध्ययन क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए।
  2. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन क्षेत्र की विवेचना कीजिए।
  3. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति से आप क्या समझते हैं? इसकी प्रकृति को स्पष्ट कीजिए।
  4. प्रश्न- तुलनात्मक राजनीति और तुलनात्मक सरकार में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  5. प्रश्न- उदार लोकतन्त्र से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताएँ लिखिए।
  6. प्रश्न- पूँजीवाद से आप क्या समझते हैं, इसके गुण-दोष क्या हैं?
  7. प्रश्न- समाजवादी राज्य क्या है, इसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालिए।
  8. प्रश्न- समाजवाद की परिभाषा दीजिए। विवेचना कीजिए।
  9. प्रश्न- उपनिवेशवाद क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइये।
  10. प्रश्न- विकासशील देशों में राज्य की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
  11. प्रश्न- रूढ़ियों से क्या अभिप्राय है? इसकी विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  12. प्रश्न- रूढ़ियों कानून से किस प्रकार भिन्न हैं? प्रमुख अभिसमयों का वर्णन कीजिए।
  13. प्रश्न- रूढ़ियों का पालन क्यों होता है? स्पष्ट कीजिये।
  14. प्रश्न- राजपद से आपका क्या अभिप्राय है? इसकी शक्तियों की विवेचना कीजिए।
  15. प्रश्न- राजा एवं राजपद अन्तर को स्पष्ट कीजिये।
  16. प्रश्न- मन्त्रिमण्डलात्मक प्रणाली का उद्भव एवं विकास का वर्णन कीजिए।
  17. प्रश्न- मन्त्रिमंडल के संगठन एवं मंत्रिमण्डल व्यवस्था की विशेषताओं की विवेचना कीजिए।
  18. प्रश्न- मन्त्रिमंडल के कार्यों का वर्णन कीजिए।
  19. प्रश्न- बिटिश प्रधानमंत्री सारे शासन तंत्र की धुरी है।' इस कथन की विवेचना कीजिए।
  20. प्रश्न- ग्रेट ब्रिटेन की सम्प्रभुता की विवेचना कीजिए तथा इस प्रभुसत्ता की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।
  21. प्रश्न- लार्ड सभा की रचना कार्यों व उनकी शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  22. प्रश्न- इंग्लैंड की समिति प्रणाली के बारे में आप क्या जानते हैं? इसके कितने प्रकार होते हैं?
  23. प्रश्न- कामन्स सभा क्या है? इसके संगठन एवं पदाधिकारियों का वर्णन कीजिए।
  24. प्रश्न- कामन्स सभा की शक्तियों, कार्यों एवं व्यावहारिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  25. प्रश्न- कामन सभा के स्पीकर एवं उसकी शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  26. प्रश्न- ब्रिटिश समिति व्यवस्था की विवेचना कीजिए।
  27. प्रश्न- ब्रिटेन में विधेयकों का वर्गीकरण कीजिए एवं व्यवस्थापन प्रक्रिया पर प्रकाश डालिये।
  28. प्रश्न- न्यायपालिका से आप क्या समझते हैं? इसके प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
  29. प्रश्न- ब्रिटिश न्यायपालिका के संगठन पर प्रकाश डालिए।
  30. प्रश्न- ब्रिटिश न्याय व्यवस्था की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  31. प्रश्न- विधि का शासन ब्रिटिश संविधान का एक विशिष्ट लक्षण है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
  32. प्रश्न- राजनीतिक दलों से क्या तात्पर्य है? राजनीतिक दलों की भूमिका एवं महत्व को समझाइये।
  33. प्रश्न- राजनीतिक दल प्रणाली के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए।
  34. प्रश्न- ब्रिटेन में राजनीतिक दलों के संगठन, कार्यक्रम एवं उनकी भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
  35. प्रश्न- ग्रेट ब्रिटेन में राजनीतिक दलों की भूमिका की विवेचना कीजिए।
  36. प्रश्न- ब्रिटिश दल पद्धति की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  37. प्रश्न- रूढ़ियों के महत्व का उल्लेख कीजिए।
  38. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के ऐतिहासिक कारणों का वर्णन कीजिए।
  39. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के राजनैतिक कारणों का उल्लेख कीजिए।
  40. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के मनोवैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट कीजिए।
  41. प्रश्न- ब्रिटेन में राजपद के अन्तर्राष्ट्रीय कारणों का वर्णन कीजिए।
  42. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की कानूनी स्थिति का वर्णन कीजिए।
  43. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की व्यावहारिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  44. प्रश्न- मंत्रिमण्डल एवं क्राउन के सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिए।
  45. प्रश्न- मन्त्रिमंडल का ब्रिटिश की संवैधानिक व्यवस्था में क्या महत्व है?
  46. प्रश्न- मंत्रिमंडल की महत्ता के औचित्य को स्पष्ट कीजिए।
  47. प्रश्न- मंत्रिमण्डल की महत्ता के कारण बताइये।
  48. प्रश्न- लार्ड सभा ने सुधार के क्या प्रयास किये?
  49. प्रश्न- क्या ग्रेट ब्रिटेन में संसद संप्रभु है?
  50. प्रश्न- 'संसदीय प्रभुता' के सिद्धान्त का मूल्यांकन कीजिए।
  51. प्रश्न- विपक्षी दल की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  52. प्रश्न- प्रिवी काउन्सिल की न्यायिक समिति का वर्णन कीजिए।
  53. प्रश्न- लार्ड सभा एवं प्रिवी काउन्सिल की न्यायिक समिति में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
  54. प्रश्न- ब्रिटिश कानून कितने प्रकार से प्रयोग में लाये जाते हैं?
  55. प्रश्न- राजनीतिक दलों के कार्यों का विवेचनात्मक वर्णन कीजिए।
  56. प्रश्न- राजनीतिक दल मतदाताओं में अपना समर्थन बढाने के लिये कौन-कौन से साधनों का प्रयोग करते हैं।
  57. प्रश्न- ब्रिटेन तथा फ्राँस की दलीय प्रणाली का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
  58. प्रश्न- अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यों, शक्तियों की विवेचना कीजिए।
  59. प्रश्न- अमेरिकी राष्ट्रपति की वृद्धि एवं उसके कारणों की विवेचना कीजिये।
  60. प्रश्न- अमेरिकी व ब्रिटिश मंत्रिमंडल की तुलना कीजिए।
  61. प्रश्न- ब्रिटिश संप्रभु (क्राउन) प्रधानमंत्री तथा अमेरिकी राष्ट्रपति की तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
  62. प्रश्न- अमेरिका के सीनेट के गठन, उसकी शक्ति एवं कार्यों की विवेचना कीजिए।
  63. प्रश्न- प्रतिनिधि सभा के संगठन, शक्ति एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  64. प्रश्न- अमेरिकी कांग्रेस की शक्ति एवं कार्यों का उल्लेख कीजिए।
  65. प्रश्न- अमेरिका का उच्चतम न्यायालय व्यवस्थापिका का तृतीय सदन बनता जा रहा है। स्पष्ट कीजिए।
  66. प्रश्न- सर्वोच्च के महत्व का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  67. प्रश्न- न्यायिक पुनर्निरीक्षण से आप क्या समझते हैं? अमेरिका के उच्चतम न्यायालय के संदर्भ में इसकी व्याख्या कीजिए।
  68. प्रश्न- सर्वोच्च न्यायालय की कार्य-प्रणाली का विवेचना कीजिए।
  69. प्रश्न- अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के गठन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति में क्या अन्तर है?
  70. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों के उद्भव एवं विकास का वर्णन कीजिए।
  71. प्रश्न- अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका है?
  72. प्रश्न- अमेरिका तथा ब्रिटेन के राजनीतिक दलों की समानता और असमानताओं का वर्णन कीजिए।
  73. प्रश्न- दबाव अथवा हित समूह से आप क्या समझते हैं? दबाव समूह के प्रमुख लक्षण एवं साधनों पर प्रकाश डालिए।
  74. प्रश्न- संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
  75. प्रश्न- अमेरिकी राष्ट्रपति को दलीय अथवा राष्ट्रीय नेता के रूप में पर टिप्पणी कीजिए।
  76. प्रश्न- राष्ट्रपति एवं मन्त्रिमण्डल के सम्बन्धों का वर्णन कीजिए।
  77. प्रश्न- जैरीमैण्डरिंग पर संछिप्त टिप्पणी लिखिए।
  78. प्रश्न- सीनेट के महत्व पर प्रकाश डालिये।
  79. प्रश्न- यू. एस. ए. 'सीनेट की शिष्टता' का क्या अर्थ है?
  80. प्रश्न- प्रतिनिधि सभा की दुर्बलता के कारण बताइये।
  81. प्रश्न- संघीय न्यायपालिका कितने प्रकार की होती है?
  82. प्रश्न- संघीय न्यायलय क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए।
  83. प्रश्न- जिला न्यायालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  84. प्रश्न- संघीय अपील न्यायालय पर प्रकाश डालिये।
  85. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
  86. प्रश्न- अमेरिका में राजनीतिक दलों की कमियों का वर्णन कीजिए।
  87. प्रश्न- अमरीका और इंग्लैण्ड की दल- प्रणाली की तुलना कीजिए।
  88. प्रश्न- अमेरिका के राजनीतिक दलों की कार्य प्रणाली का वर्णन कीजिए।
  89. प्रश्न- माओवाद क्या है? माओवाद के प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से हैं?
  90. प्रश्न- कन्फ्यूशियसवाद क्या है? इसके प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से हैं?
  91. प्रश्न- चीनी विधानमंडल राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस के गठन, शक्ति एवं कार्यों पर प्रकाश डालिए।
  92. प्रश्न- जनवादी कांग्रेस की स्थायी समिति के बारे में आप क्या जानते हंत उसकी शक्ति एवं कार्यों को स्पष्ट कीजिए।
  93. प्रश्न- स्थायी समिति की शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  94. प्रश्न- जनवादी चीन के राष्ट्रपति के कार्यों एवं अधिकारों की विवेचना कीजिए।
  95. प्रश्न- चीन में न्याय व्यवस्था की प्रमुख विशेषतायें बताते हुये न्यायपालिका के संगठन एवं उसकी शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  96. प्रश्न- जनवादी चीन में साम्यवादी दल के संगठन का वर्णन कीजिए।
  97. प्रश्न- जनवादी चीन में साम्यवादी दल की भूमिका की विवेचना कीजिए।
  98. प्रश्न- एक देश दो प्रणाली नीति से आप क्या समझते हैं?
  99. प्रश्न- राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस की स्थायी समिति पर टिप्पणी लिखिए।
  100. प्रश्न- राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस की वास्तविक स्थिति का वर्णन कीजिए।
  101. प्रश्न- चीन में कांग्रेस के सदस्यों के अधिकारों एवं दायित्वों की विवेचना कीजिए।
  102. प्रश्न- चीन राज्य परिषद के गठन पर प्रकाश डालिये।
  103. प्रश्न- चीन के सैनिक केन्द्रीय आयोग पर टिप्पणी लिखिए।
  104. प्रश्न- चीन के राज्य परिषद की वास्तविक स्थिति की विवेचना कीजिए।
  105. प्रश्न- चीन के राज्य परिषद की शक्ति एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
  106. प्रश्न- जनवादी चीन में प्रोक्यूरेटोरेट पद की व्यवस्था का विवेचना कीजिए।
  107. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड के वर्तमान संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  108. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड के संविधान की संशोधन प्रकिया का वर्णन कीजिए।
  109. प्रश्न- प्रत्यक्ष लोकतन्त्र से आप क्या समझते हैं? स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष लोकतन्त्र की सफलता के कारणों को इंगित कीजिए।
  110. प्रश्न- स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली का वर्णन कीजिए।
  111. प्रश्न- स्विट्जरलैंड की कार्यपालिका के बारे में बताइये।
  112. प्रश्न- स्विस व्यवस्थापिका के बारे में बताइये।

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